शोहरत हासिल करने के बावजूद रेखा की जिंदगी में इस एक बात की कमी हमेशा रहेगी

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बॉलीवुड सुपरस्टार रेखा किसी पहचान की मोहताज नहीं है। उनकी एक्टिंग की जितनी तारीफें की जाए उतनी कम हैं। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में रेखा का कोई सानी नहीं है। सिनेमा जगत में अभिनेत्री रेखा को एक ऐसी सदाबहार अभिनेत्री के रूप में पहचाना जाता है जिन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग से कई दशक तक करोड़ों दर्शकों के दिलों पर राज किया। रेखा की असल जिंदगी भी बेहद फिल्मी रही। बेहद कम समय में शोहरत हासिल करने के बावजूद रेखा आज अकेली है। भानुरेखा गणेशन उर्फ रेखा 10 अक्टूबर को अपना 64वां जन्मदिन मना रही हैं। उनके जन्मदिन के इस खास मौके पर आइए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कई दिलचस्प किस्से।

रेखा का जन्म चेन्नई में तमिल अभिनेता जेमिनी गनेशन के घर हुआ था। उनके पिता जेमिनी गनेशन और मां अभिनेत्री पुष्पावली उस दौर के जाने माने कलाकार थे। घर में फिल्मी माहौल होने के कारण रेखा का झुकाव भी एक्टिंग की तरफ हो गया। रेखा की स्कूली पढ़ाई चेन्नई के चर्च पार्क कान्वेंट से हुई है। घर की आर्थिक हालत सही नहीं होने के कारण रेखा ने पढ़ाई छोड़ फिल्मों में आने का निर्णय लिया।

फिल्मी करियर की शुरुआत

रेखा ने साल 1966 में आई तेलगु फिल्म ‘रंगुला रतलाम’ की। इस फिल्म से रेखा ने बतौर बाल कलाकार एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। बतौर हिरोइन रेखा ने साल 1969 में आई कन्नड़ फिल्म ‘ऑपरेशन जैकपाट नल्ली सीआईडी 999’ से किया था। जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। इसी साल रेखा ने बॉलीवुड में फिल्म ‘अनजाना सफर’ से डेब्यू किया। जिसे विवादों के कारण दो शिकारी नाम से रिलीज किया गया था।

साल 1970 में रेखा की बॉलीवुड फिल्म ‘टसावन भादोट’ रिलीज हुई जिसे उनके करियर का टर्निंग पॉइंट माना जाता है। दरअसल इस फिल्म से ही रेखा बॉलीवुड में बतौर अभिनेत्री अपनी धाक जमाने में कामयाब हुईँ। इस फिल्म को उनकी डेब्यू फिल्म माना जाता है। बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म सफल साबित हुई। इस फिल्म की कामयाबी के बाद रेखा ने ‘रामपुर का लक्ष्मण’, ‘कहानी किस्मत की’, ‘प्राण जाए पर वचन ना जाए’ जैसी सफल फिल्मों में काम किया। इस फिल्म के बाद रेखा ने अमिताभ बच्चन के साथ ‘दो अंजाने’ की जिसमें उनकी एक्टिंग को बेहद सराहना मिली। इसके बाद फिल्म ‘घर’ आई जो रेखा के करियर में मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म में उनकी एक्टिंग को ना सिर्फ दर्शकों को बल्कि क्रिटिक्स को खूब पसंद आई।

रेखा की बेहतरीन फिल्में

अपने सिने करियर में रेखा ने 180 फिल्मों से ज्यादा में काम किया हैं। उनकी बेहतरीन फिल्मों में ‘मुकद्दर का सिंकंदर’, ‘निशान’, ‘अगर तुम ना होते’, ‘नमक हराम’, ‘प्राण जाए पर वचन ना जाए’, ‘खूबसूरत’, ‘सिलसिला’, ‘उमराव जान’, ‘धर्मा’, ‘कहानी किस्मत की’, ‘गंगा की सौगंध’, ‘धर्मात्मा’, ‘खून पसीना’, ‘सुहाग’, ‘मिस्टर नटवरलाल’, ‘भ्रष्टाचार’, ‘खून भरी मांग’, ‘फूल बने अंगारे’, ‘बुलंदी’, ‘जुबैदा’, ‘इजाजत’, ‘बीवी हो तो ऐसी’, ‘खिलाडि़यों का खिलाड़ी’, ‘आस्था’,’’लज्जा’, ‘दिल है तुम्हारा’, ‘कोई मिल गया’, ‘क्रिश’,’सुपर नानी’, ‘शमिताभ’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

शादी

रेखा की शादीशुदा जिंदगी भी काफी चर्चित रही। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो साल 1973 में रेखा की अभिनेता विनोद मेहरा संग शादी की खबरें सामने आई थी। हालांकि इस खबर का रेखा ने सिरे से खंडन किया था। इसके अलावा रेखा ने साल 1990 में दिल्ली के कारोबारी मुकेश अग्रवाल से शादी की। शादी के कुछ महीनों बाद ही मुकेश ने सुसाइड कर लिया था। शोहरत मिलने के बावजूद रेखा अपनी जिंदगी में अकेली हैं। ताउम्र रेखा सच्चे प्यार की तलाश करती रहीं। भले ही रेखा की जिंदगी में कई पुरुष आए मगर जिंदगी के इस पड़ाव में रेखा अकेली हैं। उन्हें जिंदगी में हमेशा एक सच्चे प्यार की कमी रही। यही वजह है कि  रेखा की मांग का सिंदूर आज भी लोगों के लिए पहेली बना हुआ है।

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