क्या राहुल गांधी परमानेंट कन्फ्यूज हैं?

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“सीएम शिवराज सिंह के बेटे कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर में था, फिर भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई”।

आरोपों से सना यह ताजा बयान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से आया, जिसके बाद एक बार फिर वो बीजेपी के निशाने पर आ गए और फिर अपनी फजीहत करवा बैठे। अब निशाने लेने का कारण बताया खुद शिवराज सिंह के बेटे ने।

बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने पलटवार किया और कहा कि आरोप बेबुनियाद और झूठ हैं और मानहानि का दावा ठोक दिया। तब जाकर हमेशा की तरह राहुल गांधी को गलती का एहसास हुआ और उन्होंने कन्फ्यूज होने का हवाला देते हुए गलती मान ली।

राहुल गांधी को देश की जनता ने ऐसे कन्फ्यूज होते हुए काफी बार देखा है, अपने बयानों में गलत तथ्य बताने, आधी-अधूरी जानकारी भरी सभा में बोलने जैसे कारनामों के लिए राहुल गांधी सत्ता पक्ष के नेताओं को बैठे-बिठाए काम पर लगा देते हैं। वहीं सत्ता में बैठे ऐसे बयानों वाले नेताओं की विपक्ष में कमी अकेले राहुल गांधी पूरी कर देते हैं। ऐसे ही भाषणों में राहुल हर बार अपने आप को “पप्पू” कहने का स्पेस देते चले जाते हैं।

साल 2015 में मनमोहन सिंह को बताया प्रधानमंत्री

मनमोहन सिंह 2014 तक देश के प्रधानमंत्री पद पर रहे लेकिन शायद राहुल गांधी यह बात मानने को तैयार नहीं थे। इसलिए अप्रैल 2015 में एक किसान रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने मनमोहन सिंह को देश का पीएम कहकर बुलाया।

लोकसभा सदस्यों की संख्या 546 बताई

बीते साल राहुल कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ थे, तभी किसी टॉपिक पर बोलते हुए लोकसभा में सीटों की संख्या 545 की जगह 546 बता दी, मीडिया ने तुरंत गलती पकड़ ली और फिर राहुल लोगों के हंसने का कारण बने।

डॉलर और बैरल में नहीं कर पाए थे फर्क

पेट्रोल की कीमतों पर राहुल लोकसभा में बोल रहे थे, राहुल बोले पेट्रोल 130 बैरल प्रति डॉलर था लेकिन आज 35 रुपए प्रति बैरल है। तभी राहुल को पता चला यह क्या बोल दिया और फिर बोले सॉरी डॉलर… ।

योजनाओं का नाम गलत लेने से है पुराना नाता

राहुल गांधी एक चुनावी सभा में बोल रहे थे और बोले प्रधानमंत्री हमारी नारेगा योजना को बेकार बताते हैं, तभी पीछे से किसी की आवाज आती है और नारेगा नहीं मनरेगा, राहुल रूके और बोले सॉरी मनरेगा महात्मा गांधी योजना।

लोकसभा में हमेशा हंसाते हैं

लोकसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली के आम बजट पेश किया, एक दिन बाद राहुल बोलने के लिए आए और बोले, कल मैं यहां जेटली जी का बजट भाषण सुन रहा था, वहां मौजूद किसी सांसद ने तुरंत कहा जेटली जी ने परसों बजट पेश किया था। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोग हंसने लगे और राहुल ने कहा हां, हां गलती हो गई परसों किया था।

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