विजय लक्ष्मी पंडित: नेहरू खानदान की सबसे मजबूत महिला जिसने इंदिरा गांधी से पंगा लिया

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भारत के प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार की महिला, पहली महिला मंत्री, पहली महिला राजदूत और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बहन विजय लक्ष्मी पंडित की आज 18 अगस्त को 120वीं जयंती हैं। विजय लक्ष्मी को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी करने वाली अहम महिलाओं में से एक माना जाता है। ऐसे में जन्म जयंती पर जानते हैं उनके बारे में कुछ दिलचस्प बातें..

नेहरू खानदान की सबसे मजबूत महिला

विजयलक्ष्मी पंडित का जन्म 18 अगस्त, 1900 में इलाहाबाद के सबसे रसूखदार नेहरू परिवार में हुआ। देश के मजबूत राजनीतिक परिवार में पैदा होने के कारण विजय लक्ष्मी ने शुरू से ही राजनीतिक गुर सीख लिए थे। इसके अलावा कई आंदोलनों और सरकारी पदों में सक्रिय रोल निभाया।

– विजय लक्ष्मी पंडित जन्म का नाम स्वरूप कुमारी नेहरू था।

– स्वरूप कुमारी ने साल 1921 में रंजीत सीताराम पंडित से विवाह किया जिसके बाद इन्होंने अपना नाम बदलकर विजय लक्ष्मी पंडित कर लिया।

– भारत के आजादी संग्राम में काम करने के बाद आजाद भारत में विजय लक्ष्मी पंडित को संयुक्त राष्ट्र में भारत की तरफ से प्रतिनिधि बनाकर भेजा गया था।

– राजनीतिक समझ के साथ ही विजय लक्ष्मी ने सरकारी विभागों में भी अपना कौशल दिखाया वो रूस और ब्रिटेन की राजदूत भी रहीं।

– संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली की अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला का गौरव भी विजय लक्ष्मी को हासिल है।

– विजय लक्ष्मी ने साल 1975 में अपनी भतीजी इंदिरा गांधी के लगाए गए आपातकाल के मुखर विरोधियों में से एक थी। इंदिरा का विरोध करने के कारण घर में दोनों के बीच रिश्ते काफी बदल गए थे।

– विजय लक्ष्मी पंडित ने राजनीतिक परिवार से होते हुए भी साल 1977 में कांग्रेस पार्टी को छोड़ दिया।

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