स्पेशल: नितिन गडकरी के बोलने का अंदाज हमेशा से ही अन्य भाजपा नेताओं से रहा है जुदा

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Nitin-Gadkari-Biography

पूर्व भाजपा अध्यक्ष और मोदी सरकार में केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने जीवन के 64 साल पूरे कर लिए हैं। उनका जन्म 27 मई 1957 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। नितिन गडकरी का अंदाज हमेशा से ही खुलकर बोलने का रहा है। वह अन्य भाजपा नेताओं से जुदा बयानों से अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। गडकरी के बयानों की एक खास बात ये रहती है कि वो बिना किसी का नाम लिए तंज कसते हैं और जिसको घेरना है वो काम बखूबी कर जाते हैं। उनके ऐसे बयानों की फेहरिस्त काफी लंबी है जो आपने किसी अन्य नेता से नहीं सुने होंगे या वो बोलने की हिम्मत भी नहीं करते हैं। ऐसे में इस खास मौके पर पढ़िए वो बयान जहां गडकरी का अंदाज देखने लायक रहा है…

‘मंत्री को वही सपने जनता को दिखाने चाहिए जिन्हें वो पूरा कर सकें वरना जनता सपने पूरा ना होने पर नेताओं की पिटाई भी करती है।’

हाल ही में उन्होंने कोरोना वैक्सीन का भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ और कंपनियों को वैक्सीन बनाने की मंजूरी देने को लेकर भी एक बयान दिया था, जिसके बाद उसकी मीडिया में खूब चर्चा हुईं। ज्यादातर लोग सोचने लगे कि मोदी सरकार में लगातार दूसरी बार मंत्री नेताजी ने कैसे ऐसा बयान दे दिया। हालांकि, अगले दिन ही गडकरी ने अपने इस बयान को बदल भी लिया था।

Nitin-Gadkari

सत्ता हासिल करने के लिए किए जाते हैं बड़े-बड़े वादे

अपने एक बयान में नितिन गडकरी ने कहा था कि हम सभी पार्टी वालों को पता था, यहां तक कि विश्वास था कि हम सत्ता में नहीं आ रहे हैं। ऐसे में हमने चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे किए जिससे कि यदि चुनाव ना भी जीतें तो वादा-खिलाफी का जिम्मेदार हमें नहीं ठहराया जा सकेगा।

जब कहा, असफलता की जिम्मेदारी भी लें नेता

नेताओं की जिम्मेदारी तय करने के लिए भी नितिन गडकरी बोले और कहा अगर किसी भी पार्टी के विधायक या सांसद जनता के लिए अच्छा काम नहीं करते हैं तो उनकी हर तरह की जिम्मेदारी पार्टी के मुखिया को लेनी चाहिए। सफलता में सब एक साथ खड़े दिखाई देते हैं, लेकिन विफल होने पर सब साथ छोड़ जाते हैं।

बिना नौकरियों के किस बात का आरक्षण?

पिछली सरकारों से लेकर वर्तमान सत्ता तक 140 करोड़ जनसंख्या वाले भारत में लोग हमेशा से ही बेरोजगारी जैसा मुद्दा उठाते रहे हैं। कुछ साल पहले महाराष्ट्र में मराठाओं ने आरक्षण की मांग को लेकर अपना आंदोलन तेज कर दिया था, जिस पर गडकरी का बयान था कि आरक्षण लेकर क्या करोगे जब नौकरियां नहीं हैं?

कुछ नेताओं को अपना मुंह बंद रखना चाहिए

एक टीवी न्यूज की डिबेट के दौरान एक नेता ने कहा कि हमारे पास इतने काबिल नेता है कि हम मीडिया के सवालों का जवाब देना या उनके सामने बोलना पसंद करते हैं, इस पर गडकरी ने एक फिल्म के एक सीन को याद कर बोला कि कुछ लोगों के मुंह में कपड़ा डाल कर उनका मुंह बंद करने की जरूरत है।

नेहरू परिवार की भी एक बार कर दी थी तारीफ़

नितिन गडकरी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करीबी नेताओं में से एक रहे हैं। वह भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में शामिल हैं, लेकिन एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की तारीफ़ की थी।

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