सबसे कम अवकाश मिलते हैं भारतीयों को, दक्षिण कोरिया दूसरे स्थान पर

Views : 2950  |  0 minutes read

आॅफिस में लगातार काम, आॅ​फ कैंसल होना, छुट्टी एप्लीकेशन मंजूर ना होना…। क्या आप भी आॅफिस की इन परेशानियों से जूझ रहे हैं तो इस बात से थोड़ी तसल्ली कर लीजिए की ऐसे आप अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरे भारत के एम्पलॉईज इस समस्या से परेशान हैं। दुनिया भर में सबसे कम छुट्टियां भारतीय कर्मचारियों को मिलती हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 75 भारतीय अवकाश की कमी से जूझ रहे हैं जबकि 41 प्रतिशत लोगों को काम से फुर्सत नहीं मिल पाने के कारण पिछले छह महीने में छुट्टी लेने का मौका नहीं मिला है।

जो छुट्टियां मिल रहीं उसका भी नहीं कर पाते उपयोग

एक्सपीडिया की अवकाश कमी रिपोर्ट-2018 के अनुसार, भारत में सर्वाधिक 75 प्रतिशत लोग अवकाश की कमी का सामना कर रहे हैं। भारत के बाद 72 प्रतिशत के साथ दक्षिण कोरिया और 69 प्रतिशत के साथ हांगकांग दूसरे एवं तीसरे स्थान पर हैं। भारत में कर्मचारी अपनी पूरी छुट्टियों का भी उपयोग नहीं कर पाते हैं। इस मामले में जापान, इटली, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बाद भारत का स्थान है।

एक्सपीडिया इंडिया के विपणन प्रमुख मनमीत अहलूवालिया ने कहा कि हमने भारत में नियोक्ताओं की ओर से अवकाश के मामले में समर्थन के रवैये में वृद्धि देखी है। हालांकि, कर्मचारी अब भी अपनी पूरी छुट्टियां नहीं ले पा रहे हैं क्योंकि उन्हें महत्वपूर्ण निर्णयों से बाहर रह जाने या कम समर्पित समझे जाने का भय लगा रहता है। अध्ययन में 18 प्रतिशत लोगों ने यह भी माना है कि जो लोग काम में सफल हैं, वे छुट्टियां नहीं लेते हैं।

काम का प्रेशर भी है वजह

उन्होंने कहा कि 64 प्रतिशत भारतीय इस कारण भी छुट्टियां नहीं ले पाते हैं कि छुट्टी से लौटने के बाद उनके ऊपर काम का भारी दबाव हो जाता है। अध्ययन में यह भी पता चला है कि 17 प्रतिशत भारतीयों ने पिछले एक साल से एक भी छुट्टी नहीं ली है। हालांकि, 55 प्रतिशत भारतीयों ने यह माना है कि छुट्टियों में कमी से उनकी उत्पादकता प्रभावित होती है।

COMMENT