सरकार से ज्यादा देश के इंजीनियरों की फिक्र 7वीं क्लास के इस लड़के को हैं

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क्या आप अपनी आधी उम्र के किसी टीचर से कोचिंग लेने के बारे में सोच सकते हैं ? या फिर आपको कैसा लगेगा जब आपसे आधी उम्र का कोई आपका सिलेबस पूरा जानता हों, ज्यादा सोचने और दिमाग पर जोर डालने की जरूरत नहीं है, चलिए हम आपको बताते हैं क्या है पूरा माजरा।

हैदराबाद के रहने वाले 11 साल के मोहम्मद हसन अली हैं जिनकी वजह से हम ऐसा कह रहे हैं। दरअसल 7वीं क्लास में पढ़ने वाले मोहम्मद हसन अली इंजीनियरिंग में पढ़ने वाले छात्रों को कोचिंग पढ़ाते हैं। इनकी कोचिंग मे पढऩे वाले छात्र इनसे दोगुनी उम्र के हैं। अब फिर एक सवाल ऐसा कैसे हो सकता है?

एक वीडियो देखकर हुए प्रभावित-

मोहम्मद हसन अली ने बीटेक और एमटेक छात्रों को पढ़ाने का सिलसिला एक वीडियो देखने के बाद किया। वीडियो में इंजीनियर छात्रों के क्या हालात हैं और कैसे कॉलेज पूरी होने के बाद वो देश में कोई नौकरी नहीं कर पाते हैं। बस इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि कुछ तो है जो हमारे कॉलेज छात्रों को नहीं दे रहे हैं। देश के इंजीनियर्स में क्या कमी है? इस सवाल का जवाब खोजते हुए वो कोचिंग में पढ़ाने लग गए।

क्या पढ़ाते हैं?

अली ने पाया कि हमारे इंजीनियरिंग छात्र टेक्निकल और कम्यूनिकेशन स्किल्स में काफी कमजोर हैं जिसकी वजह से वो अच्छी जगह नौकरियां नहीं कर पाते हैं। अली को शुरू से ही डिजाइनिंग में रूचि हैं इसलिए वो डिजाइन और ड्राफ्टिंग टॉपिक पर पढ़ाते हैं।

फ्री में देते हैं कोचिंग-

आपको यह जानकर और खुशी होगी कि अली बीटेक और एमटेक के छात्रों को पढ़ाने के लिए कोई फीस नहीं लेते हैं। वो फ्री में पढ़ाते हैं और 2020 तक एक हजार इंजीनियरिंग छात्रों को पढ़ाने का उनका टारगेट है। इंजीनियर छात्रों को पढ़ाने के लिए वो खुद पहले अच्छी तरह से तैयारी करते हैं और इंटरनेट पर सर्च कर खूब सीखते हैं।

खुद अपना दिन कैसे मैनेज करते हैं?

आपको बता दें कि अली पिछले 1 साल से फ्री में कोचिंग दे रहे हैं। वे अपनी दिनचर्या को सुबह 6 बजे शुरू करते हैं जिसके बाद वो स्कूल जाते हैं और खुद 3 बजे तक पढ़ाई करते हैं। शाम का समय वो खेलने और होमवर्क करने में बिताते हैं। सबकुछ करने के बाद फिर वो कोचिंग सेंटर पढ़ाने जाते हैं।

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