मीना कुमारी से रिश्ता और बॉलीवुड सफर.. कुछ ऐसा है कमाल अमरोही का सफरनामा

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बॉलीवुड में कमाल अमरोही एक ऐसे निर्देशक के रूप में उभरे जिन्होंने भले ही चुनिंदा फिल्मों का निर्माण किया मगर अपने बेहतरीन संवाद पटकथा लेखन और निर्देशन से उन्हें अमर बना दिया। 17 जनवरी, 1918 को यू.पी के अमरोहा में जन्मे कमाल अमरोही का निधन 11 फरवरी 1993 को मुंबई में हुआ था। कमा का वास्तविक नाम सैयद आमिर हैदर कमाल था। फिल्म इंडस्ट्री में उन्होनें कमाल अमरोही के नाम से पहचान बनाई।

कमाल जितनी अपनी फिल्मों को लेकर मशहूर हुए उससे कहीं ज्यादा अभिनेत्री मीना कुमार के संग अपने लव अफेयर को लेकर जबरदस्त चर्चा में रहे। वैसे दोनों के इश्क के चर्चे किसी से छिपे नहीं है। एक होने के बावजूद दोनों के बीच की तकरार कभी खत्म नहीं हुई। मीना जिंदगीभर प्यार के लिए तरसती रही और कमाल उनके लौटने के इंतजार में अपने जज्बातों को शब्दों की शक्ल देते रहे।

ऐसे बने बॉलीवुड के कमाल अमरोही

फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले अमरोही ने एक ऊर्दू समाचार पत्र में काम किया। जिसके बाद वे मुंबई आ गए और यहां संवाद लेखन का कार्य करने लगे। साल 1949 कमाल के कॅरियर में टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ। इस साल बॉलीवुड फिल्म ‘महल’ रिलीज हुई जिसने कमाल को रातों-रात शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचा दिया।

मीना कुमारी और कमाल की मुलाकात

जिस दौर में कमाल अमरोही अपनी बेहतरीन फिल्म निर्देशन से पहचान बना रहे थे वहीं दूसरी तरफ मीना कुमारी अपने दमदार अभिनय से। उस वक्त कमाल अमरोही के स्वभाव के कारण कम ही लोग उनके साथ काम करने की इच्छा जाहिर करते। मीना भी उन्हीं में से एक थी। मीना की अदायगी से कमाल बेहद प्रभावित थे। वे उनके साथ फिल्म में काम करना चाहते थे। मगर मीना को ये स्वीकार नहीं था। लाख कोशिशों के बाद मीना उनके साथ फिल्म करने को राजी हो गई। फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच की मुलाकातें प्यार में बदल गईं। हालांकि किसी कारण से फिल्म तो नहीं बन पाई मगर दोनों एक दुसरे को दिल दे बैठे।

जब गुपचुप रचाई शादी

दोनों के बीच की नजदीकियां बढ़ने लगी। दोनों ने शादी करने का फैसल किया मगर दोनों के ही परिवार को ये रिश्ता नामंजूर था। इसके बावजूद दोनों ने गुपचुप निकाह कर लिया। इस शादी में दोनों के ही कुछ करीबी दोस्त शामिल थे।

जब रिश्ते में पड़ी खटास

ये उस वक्त की बात है जब कमाल फिल्म ‘पाकीजा’ का निर्माण कर रहे थे। फिल्म की शुरुआत में ही दोनों के बीच की मोहब्बत परवान चढ़ी थी। कोई नहीं जानता था कि दोनों के प्यार का अंत बड़ा ही दर्दनाक होगा। इस फिल्म को बनने में करीब 14 साल का लंबा समय लग गया। फिल्म बनकर तैयार हुई तब तक दोनों के रास्ते जुदा हो गये।

 

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