राजस्थान : इस शख्स ने खाई है जिंदगीभर चुनाव लड़ने की कसम

Views : 2434  |  0 minutes read

राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर अब बस कुछ ही दिन बचे हैं। जहां सभी पार्टियों के नेताओं की संपत्ति और शाही शौकों के बारे में हर तरफ चर्चा है। वहीं आज हम आपको बताने जा रहे हैं जयपुर के रहने वाले कैलाशचंद वर्मा के बारे में जो राजनीति सिर्फ शौक के लिए करते हैं। इसके अलावा ये अपने इलाके में बिना कोई चुनाव जीते हुए भी एमपी साहब कहे जाते हैं।

कैलाशचंद का कहना है कि उन्हें चुनाव लड़ने का सिर्फ शौक है। वे हर बार नागौर जिले की नावां विधानसभा क्षेत्र के कुचामन शहर से चुनाव लड़ते हैं। वो विधानसभा और लोकसभा हर चुनाव में अपनी किस्मत आजमाते हैं।

कब लड़ा था पहला चुनाव ?

photo credit - talentedindia
photo credit – talentedindia

कैलाशचंद वर्मा को चुनाव लड़ने का चस्का 1991 में पड़ा जब उन्होंने अपनी जिंदगी का पहला लोकसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि परिणाम आने के बाद उन्हें महज 3 हजार 450 वोट मिले। उसके बाद से जैसे उन पर कोई धुन सी सवार हो गई और इसके बाद वो 1993 में विधानसभा चुनाव में उतरे, फिर 1998, 2003, 2008, 2013 में भी किस्मत आजमाई। हर बार चुनावों में उनके वोट का आंकड़ा हजार तक भी नहीं पहुंच पाता है।

एक बार सफलता भी मिली

विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बाद वर्मा ने साल 2000 में नगरपालिका का चुनाव भी लड़ा। कुचामन शहर से वो वार्ड संख्या 7 से निर्दलीय चुनाव में उतरे और इस बार वो जीत गए। इसके बाद उन्होंने भाजपा जॉइन कर ली।

जिंदगीभर चुनाव लड़ने की खा रखी है कसम

कैलाशचंद्र वर्मा का मानना है कि वो चुनाव लड़ते हैं और जीतते नहीं है लेकिन चुनाव लड़ने से उनको काफी फायदा हुआ है। चाहे लोग कितना भी मजाक उड़ाए लेकिन चुनाव लड़ने के बाद उनकी शादी हो गई और घर बस गया। घर बसने के बाद उन्होंने जिंदगीभर चुनाव लड़ने की कसम खाई।

प्रचार करने नहीं जाते हैं

कैलाशचंद वर्मा हर बार चुनावी पर्चा भर देते हैं लेकिन वोट के लिए वो प्रचार नहीं करते हैं। इसके अलावा वो चुनावी खर्च के नाम पर कुछ भी खर्च नहीं करते हैं। हालांकि नामांकन भरने में लोग उनका जोश काफी बढ़ाते हैं।

COMMENT