जवागल श्रीनाथ भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज, जो विश्व कप में स्टीव वॉ के बाद सबसे अधिक नॉट आउट रहे

4 Minute's read

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज और आईसीसी के मौजूदा मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ आज 31 अगस्त को अपना 50वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। श्रीनाथ भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल है। वह एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 300 से अधिक विकेट लेने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज हैं। वह शांत स्वभाव शांत के व्यक्ति हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को अपने जीवन के 11 साल दिए हैं।

बचपन से क्रिकेट के प्रति लगाव था

जवागल श्रीनाथ का जन्म 31 अगस्त, 1969 को कर्नाटक राज्य के मैसूर जिले में हुआ। श्रीनाथ का बचपन से ही क्रिकेट के प्रति लगाव था। उनकी शिक्षा मैसूर के मारीमल्लप्पा हाई स्कूल में हुईं। उन्होंने मैसूर के जयचामाराजेंद्र कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग (एसजेसीई) से इंजीनियरिंग की।श्रीनाथ ने वर्ष 1999 में ज्योत्‍सना से शादी की, लेकिन जल्द ही दोनों ने तलाक ले लिया। इसके बाद श्रीनाथ ने वर्ष 2008 में दूसरी शादी पत्रकार माधवी पत्रावली से शादी की।

क्रिकेट में कॅरियर

वर्ष 1989-90 में श्रीनाथ ने हैदराबाद के खिलाफ कर्नाटक टीम की ओर से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलना आरंभ किया। उन्होंने इस मैच की पहली पारी में हैट्रिक ली। उन्होंने सीरिज के छह मैचों में 25 विकेट लिये थे।

ओवर की हर गेंद को अलग तरह से फेंक में माहिर थे

जवागल श्रीनाथ भारत के प्रसिद्ध तेज गेंदबाजों में से एक हैं। वह अपनी तेज गेंदबाजी से विपक्षी टीम के बल्लेबाजों में खौफ पैदा करते थे। वह ऐसे गेंदबाज थे जो एक ओवर में सभी 6 गेंद अलग-अलग तरह के डालते थे। इस तरह की गेंदबाजी उन्हें खास बनाती थी और यह उनकी ताकत भी थी।

श्रीनाथ भारतीय टीम के ‘सुपर फास्‍ट’ गेंदबाज थे। उन्‍होंने अपने कॅरियर में बहुत बार 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की है। वर्ष 1999 में इंग्लैंड और वेल्स की मेजबानी में हुए विश्व कप क्रिकेट के एक मैच के दौरान उन्‍होंने 154.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी, जो भारत की ओर किसी गेंदबाज द्वारा फेंकी गई सबसे तेज गेंद है।

एक दिवसीय मैचों में लिए 300 विकेट

जवागल श्रीनाथ भारत की ओर से अंतर्राष्ट्रीय एक दिवसीय मैचों में सबसे पहले 300 विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं। श्रीनाथ अपने क्रिकेट कॅरियर में वर्ष 1992, 1996, 1999 और 2003 के विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने विश्व कप में कुल 44 विकेट लिए हैं। जवागल श्रीनाथ ने अपने इंटरनेशनल कॅरियर में कुल 555 विकेट (टेस्ट मैच में 236 और एकदिवसीय मैच में 319 विकेट) लिए हैं। उन्होंने कुल 295 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले हैं जिसमें 266 मैच वनडे और 67 टेस्ट मैच शामिल है।

यह भी पढ़ें- टेस्ट क्रिकेट के महानतम बल्लेबाज सर ब्रैडमैन ने जब 22 गेंदों पर लगाया शतक, जानिए

संन्यास लेने के बाद गांगुली ने फिर टीम में बुलाया

वर्ष 2002 में ही श्रीनाथ ने क्रिकेट अंतर्राष्ट्रीय किक्रेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन वर्ष 2003 के विश्व कप में भारतीय टीम के तत्कालीन कप्‍तान सौरव गांगुली के विशेष आग्रह पर वह टीम में वापस लौटे। विश्व कप में सबसे ज्यादा बार नॉट आउट में मामले में श्रीनाथ स्टीव वॉ के बाद दूसरे बल्लेबाज है।

विश्व कप 2003 के बाद उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इसके बाद भी श्रीनाथ ने क्रिकेट नहीं छोड़ा और उससे जुड़े रहे। वर्ष 2006 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने उन्हें मैच रेफरी के रूप में चुना। श्रीनाथ 35 टेस्ट मैचों, 194 वनडे और 60 T-20 मैचों में रेफरी रहे।

जवागल श्रीनाथ को वर्ष 1999 में भारत सरकार द्वारा उनकी उपलब्धियों के लिए अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्‍मानित किया गया।

COMMENT

Chaltapurza.com, एक ऐसा न्यूज़ पोर्टल जो सबसे पहले, सबसे सटीक की भागमभाग के बीच कुछ अलग पढ़ने का चस्का रखने वालों का पूरा खयाल रखता है। हम देश-विदेश से लेकर राजनीतिक हलचल, कारोबार से लेकर हर खेल तो लाइफस्टाइल, सेहत, रिश्ते, रोचक इतिहास, टेक ज्ञान की सभी हटके खबरों पर पैनी नजर रखने की कोशिश करते हैं। इसके साथ ही आपसे जुड़ी हर बात पर हमारी “चलता ओपिनियन” है तो जिंदगी की कशमकश को समझने के लिए ‘लव यू जिंदगी’ भी कुछ अलग है। हमारी टीम का उद्देश्य आप तक अच्छी और सही खबरें पहुंचाना है। सबसे अच्छी बात यह है कि हमारे इस प्रयास को निरंतर आप लोगों का प्यार मिल रहा है…।

Copyright © 2018 Chalta Purza, All rights Reserved.