आधुनिक ‘वाई-फाई’ के फादर माने जाते हैं भारतीय वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बोस

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पेड़-पौधों में इंसानों जैसी भावनाओं का पता लगाने वाले, अपनी खोज से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाने वाले महान भारतीय भौतिकशास्त्री वैज्ञानिक सर जगदीश चंद्र बोस (Sir JC Bose) की आज 30 नवंबर को 162वीं जयंती है। प्रोफेसर जे.सी. बोस वर्ष 1937 में इस दुनिया से रुखसत हुए थे। बोस को दुनिया ना सिर्फ एक वैज्ञानिक के तौर पर जानती है, बल्कि वे कलाप्रेमी होने के साथ-साथ साहित्य के भी अच्छे जानकार थे।

प्रोफेसर जगदीश चंद्र बोस बहुमुखी प्रतिभा के धनी होने के साथ-साथ रेडियो (Radio) और माइक्रोवेव ऑप्टिक्स (Microwave Optics) के अविष्कार का श्रेय़ भी उन्हीं को जाता है। आधुनिक वाई फाई की (Wi-Fi) खोज का श्रेय भी बोस को ही दिया जाता है। अपने जमाने में ये जे सी बोस के नाम से भी जाने गए। बोस को विज्ञान में शोध के क्षेत्र को एक नया आयाम देने के लिए भी जाना जाता है।

लाइफस्टाइल में बड़ी सादगी नज़र आती थी

सर जगदीश चंद्र बोस का जन्म 30 नवम्बर, 1858 को तत्कालीन बंगाल के मेमनसिंह नगर के ररौली गांव में हुआ था, जो भारत के बंटवारे के बाद अब बांग्लादेश के मुंशीगंज जिले में आता है। बोस की प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही शुरू हुई थी। उन्होंने पूरे जीवन सादगी को अपनाए रखा। एक ब्रह्म समाजी परिवार में जन्मे जे.सी. बोस ने जिंदगी के हर मोड़ पर अपने पिता से ही जीवन बिताने की हर सीख ली। भारती वैज्ञानिक बोस ने ब्रिटिश-भारतीय महिला अबाला से प्रेम विवाह किया था, जो कि एक सोशल वर्कर थीं।

जब जे सी बोस ने अंग्रेजी हुकूमत को झुकाया

वर्ष 1985 में सर जगदीश चंद्र बोस बोस कलकत्ता के प्रेसिडेंसी कॉलेज में भौतिकी के प्रोफेसर नियुक्त हुए। उस दौरान ब्रिटिश भारतीय शिक्षकों को अंग्रेजी शिक्षकों से बहुत कम सैलरी दिया करते थे। जे सी बोस इस बात से काफी नाराज हुए और इसके खिलाफ आवाज बुलंद करना शुरू कर दिया। आखिरकार करीब 3 साल तक बिना सैलरी के काम करने के बाद बोस ने ब्रिटिश हुकूमत से अपनी समान वेतन की मांग को मनवा ली।

आइए जानते हैं जे सी बोस के बारे में ख़ास कुछ बातें..

–  जे सी बोस ने 1884 में नेचुरल साइंस में ग्रेजुएशन किया उसके बाद लंदन यूनिवर्सिटी से विज्ञान में स्नातक किया।

–  जब बोस ने यह साबित करके दिखाया कि पौधों में जीवन होता है तो पूरी दुनिया बोस की प्रतिभा को पहचान गई। बोस ने अपने प्रयोग में पौधे की जड़ को एक स्क्रीन पर हिलते हुए दिखाया जो कि उसकी धड़कन थी।

– जे सी बोस के बारे में ऐसा भी कहा जाता है कि वायरलैस रेडियो भी उन्हीं का आइडिया था, लेकिन बाद में इसका क्रेडिट मार्कोनी को मिला।

– बंगाली साइंस फिक्शन भी जगदीश चंद्र बोस की देन कहा जाता है।

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