RBI vs Govt. : उर्जित ही नहीं इन 3 गर्वनर का भी सरकार से रहा 36 का आंकड़ा

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सीबीआई विवाद अभी थमा नहीं था कि सरकार की किरकिरी आरबीआई में उठे नए फसाद से होनी शुरू हो गई। आरबीआई के डिप़्टी गर्वनर के एक पत्र से पूरे सरकारी महकमे में मानो भूचाल—सा आ गया। हर तरफ आरबीआई की स्वायत्ता और स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठने लगे। लेकिन क्या आप जानते हैं भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार के बीच आपसी खींचतान का बहुत पुराना नाता है। इससे पहले भी कई बार केंद्रीय बैंक और सरकार के वित्त मंत्रालय आपस में भिड़ चुके हैं।

अक्सर विवाद कुछ समय बाद सुलझे हुए दिखाए जाते हैं लेकिन अंदरूनी तौर पर विवाद की सुगबुगाहट हमेशा ही बनी रहती है।

टकराव के चलते रघुराम राजन को छोड़नी पड़ी थी कुर्सी

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को भी सरकार के साथ कई बार खींचतान का शिकार होना पड़ा था। राजन और सरकार के बीच एनपीए और नोटबंदी जैसे मुद्दे मुख्य रूप से विवाद की वजह रहें।

डी सुब्बाराव का वित्त मंत्री चिदंबरम से रहा विवाद

राजन से पहले गर्वनर रहे डी.सुब्बाराव के भी तत्कालीन सरकार से अच्छे संबंध नहीं रहे। उस समय रहे वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ उनका ब्याज दरों को लेकर काफी विवाद रहा।

पूर्व गवर्नर वाई वी रेड्डी की रही सरकार से तकरार

सुब्बाराव से पहले गर्वनर रहे वाई वी रेड्डी की सरकार से काफी तकरार रही। रेड्डी ने अपनी खींचतान की कहानी अपनी किताब के जरिए सभी को बताई। अपनी आत्मकथा एडवाइस एंड डिसेंट: माय लाइफ इन पब्लिक सर्विस में वो लिखते हैं कि वित्तमंत्री से उनका विवाद इतना गहरा हो गया था कि वो इस्तीफा देने वाले थे।

उर्जित पटेल हैं ताजा शिकार

आरबीआई और सरकार के बीच हुआ विवाद इस बार पहले से कहीं ज्यादा होता दिखाई दे रहा है। विवाद की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकार केंद्रीय बैंक के ऊपर धारा 7 लगाने पर भी विचार कर रही है जिसमें गर्वनर को पद से हटाया भी जा सकता है।

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