जन्मदिन विशेष : ये हैं असली तारक मेहता जिनकी कल्पना ने हर किसी को खूब हंसाया

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जब भी तारक मेहता का नाम आता है, तो सभी के जहन में सब टीवी के मशहूर कॉमेडी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा का खयाल आता है। हम में से बहुत से लोगों का वह फेवरेट शो है। इस शो के सभी करेक्टर्स ने भी लोगों के दिलों में खास जगह बना ली है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस शो को बनाने का आइडिया कहां से आया था। बता दें ये कल्पना एक गुजराती लेखक की थी।

दरअसल यह सीरियल गुजराती भाषा के प्रसिद्ध व्यंग्यकार और लेखक तारक मेहता के एक साप्ताहिक अखबार के कॉलम से प्रेरित है। तारक मेहता ने मार्च 1971 में एक साप्ताहिक अखबार चित्रलेखा में ‘दुनिया ने ओंधा चश्मा’ नाम से एक कॉलम शुरू किया था। इस कॉलम में वे ज्यादातर आम लोगों से जुड़े किस्से-कहानियों को रोचक तरीके से सुनाया करते थे, जो कि काफी मशहूर हुआ था।

tarak mehta ka ulta chashma

जिसके बाद साल 2008 में सब टीवी ने इसी कॉलम से प्रेरित होकर ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ नाम से ही टीवी सीरियल शुरू किया। इतना ही नहीं इस सीरियल में तारक मेहता नाम का एक पात्र भी रखा गया। पिछले 10 सालों से यह सीरियल हिंदी टीवी जगत के सफलतम सीरियलों में से एक माना जाता है, जो अपने हर एपिसोड में दर्शकों का खूब मनोरंजन करता आ रहा है।

आज ही के दिन यानी 26 दिसम्बर 1929 को जन्मे लेखक तारक मेहता पूरे गुजरात में अपने हास्य-व्यंग्य से भरे लेखों की वजह से प्रसिद्ध थे। उन्होंने अपने लंबे जीवनकाल में 80 से ज्यादा किताबें लिखी। तारक मेहता ने कई हास्य किताबों का गुजराती में अनुवाद भी किया। साथ ही वे गुजराती थिएटर के भी जाने-माने नाटककार रहे हैं। साल 2015 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया था।

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पिछले साल 1 मार्च 2017 को तारक मेहता ने 88 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनकी मौत के बाद पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। पीएम मोदी ने उन्हें याद करते हुए कहा था कि तारक मेहता का लेखन भारत की विभिन्नता में एकता का प्रतीक है। उन्होंने अपने लेखन में व्यंग्य के हर हिस्से का इस्तेमाल करते हुए गुजरात के लोगों को खूब हंसाया है।

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