गीता दत्त: वो ​दिलकश गायिका जिस पर वक्त ने किया हंसी सितम…

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गीता दत्त को भारत की सर्वश्रेष्ठ प्लेबैक सिंगर्स में शुमार किया जाता है। ‘बाज़ी’, ‘आर पार’, ‘काग़ज के फूल’, ‘प्यासा’, ‘चौदहवीं का चांद’, ‘साहब बीबी और ग़ुलाम’ जैसी फिल्मों में गाए उनके गीत हिन्दी सिनेमा के सदाबहार गीतों में शुमार किए जाते हैं। गीता दत्त के ज्यादातर हिट गाने उनके पति गुरु दत्त की फिल्मों के लिए गाए गए थे।

गुरुदत्त का जब निधन हुआ, तो गीता निजी और आर्थिक तौर पर मुश्किलों में घिरी हुई थीं। उन्होंने अपने डूबते कॅरियर को फिर से जिंदा करने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी सेहत ऐसी हालत में पहुंच गई थी, जहां से ठीक होना मुमकिन नहीं था और फिर 20 जुलाई 1972 को महज 41 साल की उम्र में वो दुनिया से रुखसत हो गईं। गीता दत्त का जन्म 23 नवंबर 1930 में बंगाल प्रेसीडेंसी में हुआ था। गीता दत्त की बर्थ एनिव​र्सरी के मौके पर हम आपको बताते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें…

1- गीता दत्त का जन्म 23 नवंबर 1930 को पूर्वी बंगाल के फरीदकोट जिले के इदलापुर गांव में हुआ था।

2- गीता दत्त के पिता देवेंद्र नाथ चौधरी गांव के जमींदार थे। गीता दत्त की मां अमया रॉय चौधरी संगीत और शायरी में रुचि रखती थीं।

3- गीता दत्त के 10 भाई-बहनों (छह भाई चार बहनें) में उन्हें मां से संगीत की अभिरुचि विरासत मिली थी।

4- गीता दत्त की पढ़ाई एंग्लो बंगाली स्कूल में हुई थी। उन्होंने पंडित हीरेंद्रनाथ चौधरी से संगीत की शिक्षा ली थी।

5- गीता दत्त जब करीब 12 साल की थीं तब 1942 में उनके पिता मुंबई (तब बॉम्बे) जा बसे। उनका परिवार दादर स्थित एक फ्लैट में रहता था।

6- गीता दत्त के फ्लैट के पास ही संगीतकार के हनुमान प्रसाद आते-जाते थे। हनुमान प्रसाद ने गीता की आवाज़ सुनी और उनके माता-पिता को समझाया कि वो अपनी बेटी को फिल्मों में गाने के लिए प्रशिक्षण दें। उसके बाद हनुमान प्रसाद गीता को संगीत की शिक्षा देने लगे। हनुमान प्रसाद ने ही गीता को 1946 में ‘भक्त प्रह्लाद’ फिल्म से प्लेबैक सिंगिंग में ब्रेक दिया। हालांकि इस फिल्म में गीता को दो गीतों में दो-दो लाइन गाने को मिला था।

7- 1947 में आई फिल्म ‘दो भाई’ फिल्म के ‘मेरा सुंदर सपना बीत गया’ काफी हिट हुआ। इस गीत ने गीता दत्त को मशहूर कर दिया। इस फिल्म में संगीत एसडी बर्मन ने दिया था। गीता दत्त ने बाद में एसडी बर्मन के संगीत-निर्देशन में कई एवरग्रीन गीत दिए थे।

8-गीता का असल नाम गीता रॉय चौधरी था। 1953 में गुरु दत्त से शादी के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर गीता दत्त कर लिया।

9- प्लेबैक सिंगर के तौर पर गीता दत्त की आखिरी फिल्म थी अनुभव (1971) जिसके संगीतकार थे कनु रॉय।

10- 20 जुलाई 1972 को गीता दत्त का मुंबई के हरिकृष्ण दास अस्पताल में लिवर सिरोसिस की वजह से निधन हो गया। गुरु दत्त के 1964 में निधन के बाद गीता दत्त को शराब की लत लग गयी थी जो उनकी मौत का कारण बना।

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