बर्थडे स्पेशल: सुरैया की फिल्म से प्रभावित होकर धर्मेंद्र ने एक्टिंग को बनाया था अपना कॅरियर

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हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सुप्रसिद्ध सीनियर एक्टर और प्रोड्यूसर धर्मेंद्र 8 दिसंबर को अपना 84वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। उनका जन्म 8 दिसंबर 1935 को लुधियाना जिले (पंजाब) के नसराली गांव में एक जाट परिवार में हुआ। धर्मेंद्र का असल नाम धरम सिंह देओल है। उनके पिता का नाम केवल किशन सिंह देओल और उनकी मां का नाम सतवंत कौर हैं। उनका पैतृक गांव डंगों पखोवल के पास रायकोट तहसील में है। धर्मेंद्र का बचनपन साहनेवाल गांव में गुजरा। करीब छह दशक के कॅरियर में धर्मेंद्र कई यादगार फिल्में दी हैं। उन्होंने कुछ फिल्में प्रोड्यूस की हैं और वे राजनीति में भी हाथ आजमा चुके हैं। ऐसे में धर्मेंद्र के जन्मदिन के मौके पर जानते हैं कई दिलचस्प बातें..

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10वीं तक ही पढ़ाई कर पाए थे धर्मेंद्र

धर्मेंद्र ने शुरुआती शिक्षा लुधियाना के लालटन कलां के गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल में ली, जहां उनके पिता स्कूल में हेडमास्टर हुआ करते थे। उन्होंने वर्ष 1952 में फ़गवाड़ा के रामगढ़िया कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। वे क्लास 10वीं तक ही पढ़ाई कर पाए थे। धर्मेंद्र को ‘ही मैन’, ‘गरम धरम’, ‘एक्शन किंग’ और ‘धरमजी’ जैसे उपनामों से भी जाना जाता है। वे अपने समय के सबसे स्मार्ट और रोमांटिक एक्टर माने जाते हैं।

उन्होंने अपने कॅरियर में उस जमाने की सबसे नामचीन एक्ट्रेस के साथ काम किया है। धर्मेंद्र ने युवा अवस्था में अपने गांव से मीलों दूर एक सिनेमाघर में प्रसिद्ध एक्ट्रेस सुरैया की फिल्म ‘दिल्लगी’ देखी और इससे वे इतने प्रभावित हुए कि अपना कॅरियर उन्होंने फिल्मों में बनाने का निश्चय किया। उल्लेखनीय है कि धर्मेंद्र को सुरैया बहुत पसंद थीं, इसलिए उन्होंने उनकी फिल्म ‘दिल्लगी’ को 40 से ज्यादा बार देखा।

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‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से शुरु हुआ कॅरियर

धर्मेंद्र के बॉलीवुड कॅरियर की शुरुआत वर्ष 1960 में रिलीज अर्जुन हिंगोरानी की फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से हुई थी। लेकिन उनको पहचान फिल्म ‘फूल और पत्थर’ से मिलीं। उनकी आखिरी फिल्म ‘यमला पगला दीवाना फिर से’ हैं। फिल्मों में आने से पहले धर्मेंद्र रेलवे में हुआ करते थे। उनकी तनख्वाह सवा सौ रुपये महीना हुआ करती थी। धर्मेंद्र ने अपने 6 दशक लंबे फिल्मी कॅरियर ‘सत्यकाम’, ‘बंदिनी’, ‘शोले’, ‘जुगनू’, ‘अनुपमा’, ‘धर्मवीर’ और ‘चुपके-चुपके’ जैसी कई शानदार फिल्में कीं।

उन्होंने अपने जमाने की मशहूर एक्ट्रेस नूतन, सायरा बानो, नंदा, मीना कुमारी और माला सिन्हा के साथ कई फिल्मों में काम किया। धर्मेंद्र की सबसे ज्यादा जोड़ी हेमा मालिनी के साथ जमीं। दोनों ने कई हिट फिल्में बॉलीवुड को दीं। साल 1991 में बतौर प्रोड्यूसर धर्मेंद्र की फिल्म ‘घायल’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। वे फिल्मों के अलावा राजनीति और टीवी के शो में भी हाथ आजमा चुके हैं।

Dharmendra-Family
प्यार के खातिर नाम बदला और दूसरी शादी की

धर्मेंद्र की पहली शादी वर्ष 1954 में 19 साल की उम्र में परकाश कौर से हुई थी। इन दोनों के चार संतानें.. दो बेटे सनी देओल, बॉबी देओल और दो बेटियां विजेता देओल व अजीता देओल हुईं। फिल्मों में कामयाब होने के बाद उन्होंने एक्ट्रेस हेमा मालिनी से दूसरी शादी की। हेमा से प्यार और शादी के खातिर धर्मेंद्र ने साल 1981 में इस्लाम धर्म अपनाकर अपना नाम दिलावर खान कर लिया और हेमा मालिनी के संग शादी कर ली। इनसे उन्हें दो बेटियां ईशा देओल और आहना देओल हैं।

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धर्मेंद्र राजनीति में भी हाथ आजमा चुके हैं। वे वर्ष 2004 में बीजेपी के टिकट पर राजस्थान के बीकानेर से लोकसभा चुनाव जीते और 2009 तक सांसद रहे। इसके बाद उन्होंने राजनी​ति को अलविदा कह दिया। धर्मेंद्र को साल 2012 में भारत सरकार ने सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिए देश के तीसरे सर्वोच्च सम्मान ‘पद्मभूषण’ से नवाज़ा। उम्र के इस पड़ाव पर वे फिल्मों और सिने जगत से दूर आराम से ज़िंदगी जी रहे हैं।

 

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