राहुल के IDEA से दूर होगा राजस्थान में टिकट वितरण का सिरदर्द

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राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टिकटों का वितरण पार्टी के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। राजस्थान कांग्रेस के दो दिग्गज नेता अशोक गहलोत और सचिन पायलट अपने-अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को टिकट दिलाने की जुगाड़ में लगे हुए है मगर दोनों की खींचतान में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को बीच में आना पड़ रहा है। अपने दोनों सिपहसलारों की बात सुनना राहुल की मजबूरी है क्योंकि दोनों ही नेता राजस्थान में अपना एक वर्चस्व रखते हैं। राहुल ने गहलोत पायलट की खींचतान को कम करने के लिए नया आइडिया निकाला है जिसके तहत अब पायलट और गहलोत में राजस्थान विधानसभा सीटों का बंटवारा 50-50 का होगा। खबरों के अनुसार पायलट और गहलोत प्रदेश की कुल 200 विधानसभा सीटों में से 100-100 के अनुपात में सीटों का बंटवारा करेंगे और अपनी पसंद के उम्मीदवार को टिकट दिलाने के प्रयास कर सकेंगे। हालांकि इसके बाद में पार्टी पहले ही ग्राउंड सर्वे करा चुकी है जिसके बाद उम्मीदवार के फीडबैक से ही पता चलेगा कि उसे टिकट मिलना चाहिए कि नहीं।

 

मेवाड़-मारवाड़ गहलोत का, वागड़-मेवात पायलट को

 

कांग्रेस के इस 50-50 फॉर्मूले के तहत दोनों नेताओं को उनके क्षेत्रों में पकड़ के आधार पर टिकट देने की रायशुमारी में शामिल किया जा रहा है। जहां गहलोत मेवाड़ और मारवाड़ में अच्छी पकड़ रखते हैं, वहीं पायलट वागड़, मेवात और पूर्वी राजस्थान से उम्मीदवारों का चयन कर सकेंगे। बता दें कि इस समय 200 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस से चुनाव लड़ने के लिए करीब 15 से 20 उम्मीदवार अपनी दावेदारी जता रहे हैं जो पार्टी के लिए सिरदर्द बना हुआ है। हालांकि कांग्रेस ने अपनी पहली सूची के तहत 79 उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग तो कर ली है मगर पार्टी अधिकारियों का कहना है कि इन 79 नामों को फाइनल ना माना जाए और अभी आगे भी इन नामों पर मंथन का दौर जारी रहेगा ।

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