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सुषमा स्वराज की मौत का कारण बना कार्डियक अरेस्ट, ऐसे करें बचाव

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देश की पूर्व विदेश मंत्री और बीजेपी की कद्दावर नेता रहीं सुषमा स्वराज का 6 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट की वजह से निधन हो गया। उन्हें दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में भर्ती करवाया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा न सके। सुषमा स्वराज काफी समय से बीमार चल रही थीं इस कारण ही उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था।

आज के समय में कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक आदि की वजह से मौत के मामले बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से कई प्रसिद्ध हस्तियां बीते कुछ वर्षों में अपनी जान गंवा चुके हैं।

क्या है कार्डियक अरेस्ट

कार्डियक अरेस्ट हृदय से संबंंधित बीमारी है इसमें हृदय अचानक काम करना बंद कर देता है। यह बीमारी दिल का दौरा पड़ने या फिर हार्ट फेल होने जैसा नहीं है। कार्डियक अरेस्ट का कारण हृदय में होने वाली इलैक्टॉनिक गड़बड़ियां है, जिसकी वजह से धड़कनों का तालमेल ठीक से नहीं बैठ पाता है। इसके कारण दिमाग, फेफड़ों सहित शरीर के बाकी अंगों तक ब्लड नहीं पहुंच पाता है और दम घुटने की वजह से व्यक्ति की मौत हो जाती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत इलाज न मिले तो उसकी मौत हो जाती है।

ज्यादातर लोग कार्डियक अरेस्ट को दिल का दौरा पड़ना समझते हैं, मगर ऐसा नहीं है। विशेषज्ञ मानते हैं कि कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब हृदय शरीर के चारों ओर रक्त पंप करना बंद कर देता है। अगर इसे मेडिकल की भाषा में समझें तो हार्ट अटैक सर्कुलेटरी समस्या है जबकि कार्डियक अरेस्ट इलेक्ट्रिक कंडक्शन की गड़बड़ी के कारण होता है। इससे दिल की धड़कनें अनियंत्रित होने लगती हैं। ऐसी स्थिति को arrhythmia कहते हैं। कार्डियक अरेस्ट का खतरा दिल के दौरे के कारण बढ़ जाता है।

कार्डियक अरेस्ट से पूर्व शरीर को किसी प्रकार की कोई चेतावनी नहीं मिलती है। पर इतना अवश्य है कि इसके बारे में जानकारी रखना और इसके लक्षणों को पहचान कर आने वाले खतरे से बचा जा सकता है।

कार्डियक अरेस्ट के प्रमुख लक्षण

सीने की बांयी ओर तेज दर्द हो और वह हाथ, कंधा, गर्दन और जबड़े तक पहुंचता है।
चक्कर आना,बेहोशी आना, सांस लेने में तकलीफ होना,शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होना। अगर उपरोक्त लक्षण महसूस हो तो मरीज को तुरंत हॉस्पिटल ले जाना चाहिए, ताकि समय रहते उसे इलाज मिलने से रोगी की जान बचाई जा सके।

कार्डियक अरेस्ट के कारण

— खराब लाइफस्टाइल की वजह से लोगों का एक्सरसाइज न करना, खाना खाने के तुरंत बाद बैठ जाना
— दिनभर एक ही जगह बैठकर काम करने से शरीर में फैट जमा होने लगती है जो हृदय रोगों को बढ़ाती है
— तनाव में रहना
— कोलेस्ट्राल लेवल हाई रहना
—हाई ब्लडप्रेशर
— हाईपरटेंशन
— धूम्रपान करना

कैसे बचें कार्डिएक अरेस्ट से

इससे बचने के लिए अपनी लाइफस्टाइल को बदलना होगा। नियमित एक्सरसाइज करनी चाहिए। खाना खाने के तुरंत बाद पैदल घूमना चाहिए। धूम्रपान नहीं करना चाहिए।

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