बोमन ईरानी ने फिल्मों में आने से पहले मुंबई के ताज होटल में बतौर वेटर किया था काम

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बॉलीवुड में अपने अभिनय कौशल के दम पर एक अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता बोमन ईरानी आज अपना 61वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। बोमन का जन्म 2 दिसंबर, 1959 को महाराष्ट्र के मुंबई शहर में एक ईरानी परिवार में हुआ था। वह फिल्मों में अपने कॉमेडी किरदारों के लिए पहचाने जाते हैं। बोमन का बॉलीवुड कॅरियर बड़ी देरी से शुरू हुआ था। लेकिन कम समय में ही उन्होंने सफलता हासिल करते हुए खुद को साबित कर दिखाया। ऐसे में इस ख़ास मौके पर जानते है बोमन ईरानी की ज़िंदगी से जुड़ी अनसुनी बातें..

बोमन के जन्म से पहले ही पिता चल बसे थे

बोमन ईरानी के जन्म से पहले ही उनके पिता का निधन हो गया था। ऐसे में अचानक से उनके लालन-पालन का पूरा भार उनकी मां पर आ गया था। बोमन ने अपनी स्कूली पढ़ाई मुंबई के सेंट मैरी स्कूल से की। वहीं कॉलेज की पढ़ाई उन्होंने मुंबई के ही मीठीबाई कॉलेज से की, जहां से बोमन ने 2 साल का वेटर कोर्स किया, जिससे उन्हें बाद में नौकरी भी मिलीं।

फिल्मों से पहले ये काम करते थे बोमन

बोमन ईरानी का शुरुआती जीवन काफी स्ट्रगल भरा रहा। 32 वर्ष की उम्र तक उन्होंने अपनी बेकरी शॉप पर मां का हाथ बटाया। बहुत कम लोग जानते हैं कि बोमन ने 2 साल तक मुंबई के सुप्रसिद्ध ताज होटल में वेटर और रूम सर्विस स्टाफ के रूप में काम किया था। यही नहीं वह एक बेहतरीन फोटोग्राफर भी हैं। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया (टीओआई) अख़बार के लिए फ्रीलांस फोटोग्राफी की। इसके अलावा उन्होंने कई नामी संस्थानों के साथ जुड़कर बतौर फोटाग्राफर काम किया।

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पारसी लड़के को ऐसे मिला फिल्मों में चांस

बोमन ईरानी के अंदर के एक्टर को फेमस कोरियोग्राफर शियामक डावर ने देखा और उन्हें थियेटर जॉइन करने की सलाह दी। उनकी सलाह पर बोमन थियेटर करने लगे, जिसके बाद उन्हें वर्ष 2002 में ‘लेट्स टॉक’ एक शॉर्ट फिल्म में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में उनके अभिनय को देख फिल्म निर्माता विधू विनोद चोपड़ा ने अपनी फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ के लिए अप्रोच किया।

बोमन के फिल्मी कॅरियर की शुरुआत

थियेटर करने के बाद बोमन ईरानी ने ‘एवरीबॉडी सेज आई एम फाइन’ फिल्म से सिने पर्दे पर डेब्यू किया। मगर असल पहचान बोमन को वर्ष 2003 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ से मिलीं। इस फिल्म की सफलता के बाद उन्हें बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम करने को मिला, जिनमें ‘मैं हूं ना’, ‘लगे रहो मुन्नाभाई’, ‘वीर जारा’, ‘पेज-3’, ‘नो एंट्री’, ‘खोसला का घोंसला’, ‘हनीमून ट्रैवल्स प्रा. लि.’, ‘दोस्ताना’, ‘3 इडियट्स’, ‘वेल डन अब्बा’, ‘हाउसफुल सीरीज’, ‘जॉली एलएलबी’, ‘परमाणु’, ‘संजू’ और ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ जैसी फिल्में शामिल हैं। थियेटर में लंबी अभिनय पारी खेलने के बाद उनका अनुभव फिल्मी दुनिया में खूब सराहा गया। बोमन फिल्मों में अपने हर किरदार से दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रहते हैं।

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दो बच्चों के पिता हैं जेनोबिया और बोमन

अगर बोमन ईरानी की निजी ज़िंदगी की बात करें तो उनकी वर्ष 1985 में जेनोबिया से शादी हुई, जिनसे उन्‍हें दो बच्‍चे दानेश और कयोज ईरानी हैं। बता दें कि कयोज बॉलीवुड फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’, ‘यंगिस्तान’, और ‘द लीजेंड ऑफ माइकल मिश्रा’ में नज़र आ चुके हैं। बोमन की आने वाली फिल्मों में एक कन्नड-तेलुगु फिल्म ‘युवारत्ना’ और भारत के वर्ष 1983 का क्रिकेट विश्वकप जीतने पर बेस्ड बॉलीवुड फिल्म ’83’ है।

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