बर्थडे स्पेशल: झरने में भीगने वाले बोल्ड सीन से फेमस हुई थी मंदाकिनी, राजकपूर को मना नहीं कर सकी

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Former-Actress-Mandakini

बॉलीवुड एक्ट्रेस रही मंदाकिनी आज अपना 57वां जन्मदिन मना रही हैं। उनका जन्म 30 जुलाई, 1963 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक एंग्लो इंडियन परिवार में हुआ। उनके पिता जोसफ ब्रिटिश और मां हिंदू थी। मंदाकिनी का असल नाम यासमीन जोसफ था। मंदाकिनी का नाम लेते ही दिमाग में उनकी पहली मूवी ‘राम तेरी गंगा मैली‘ (1985) आती है। यूं तो उन्होंने अपने फिल्मी कॅरियर में बहुत सी फिल्में की है, मगर उनको आज भी लोग उनकी पहली फिल्म के लिए जानते हैं। उनका इस फिल्म में बोल्ड लुक राजकपूर ने दिया था, जिसके लिए बहुत से लोग उनकी आलोचना भी करते हैं। ऐसे में इस पूर्व एक्ट्रेस के बर्थडे पर जानते हैं उनके बारे में कुछ दिलचस्प बातें..

राजकपूर को डिंपल से ज्यादा पसंद आई मंदाकिनी

राजकपूर ने ‘राम तेरी गंगा मैली’ के लिए आडिशन लिए थे। इस फिल्म के लिए डिंपल कपाड़िया ने भी आडिशन दिया था और वो उसमें पास भी हो गई थी। मगर राजकपूर को लगा कि एक भोली पहाड़ी लड़की के रोल के लिए उनको एक नया चेहरा चा​हिए। मंदाकिनी राज कपूर को पहली ही बार में पसंद आ गई। मंदाकिनी की मासूमियत को देखते ही राज कपूर ने सोच लिया था कि ‘राम तेरी गंगा मैली’ में वो मंदाकिनी को ही लेंगे।

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एक्ट्रेस को राज कपूर ने दिया था मंदाकिनी नाम

मदांकिनी का असली नाम यास्मीन जोसेफ था। उनका नाम राज कपूर ने बदलकर मंदाकिनी रखा था। राज कपूर ने मंदाकिनी के साथ बॉलीवुड में एक नया एक्सपेरीमेंट किया। झरने के नीचे सफेद साड़ी में नहाने वाली मंदाकिनी उस समय ​की सबसे कामुक हीरोइन बन गई। उनके इस सीन की वजह से लोगों ने मूवी देखी क्योंकि उस समय ऐसे बोल्ड एक्सपेरीमेंट नहीं हुआ करते थे। मंदाकिनी की जिस मासूमियत को भुनाने की राज कपूर ने कोशिश की थी वो उसमें पूरी तरह से कामयाब रहे।

मंदाकिनी ने इस बोल्ड सीन को लेकर क्या कहा?

खुद मंदाकिनी शुरू में झरने वाले सीन को लेकर कम्फर्टेबल नहीं थी। जब भी उनसे इस सीन के बारे में पूछा जाता वो इस सवाल को टाल दिया करती थी। फिल्म में अपने झरने वाले सीन के बारे में मंदाकिनी ने कभी खुलकर नहीं बात की। साल 1986 में फिल्म ‘आग और शोला’ की डबिंग के दौरान फिल्म जर्नलिस्ट खालिद मोहम्मद ने पूछा कि क्या वो दृश्य करने का पछतावा है? तो मंदाकिनी टाल गईं। हर सवाल पर उनका जवाब यही होता – “पता नहीं जी,” ” राज कपूर जी को मना करने की हिम्मत कौन कर सकता है” और “ये अच्छा सवाल नहीं है जी।”

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साल 2010 में एक अंग्रेजी अखबार मिड डे को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा ‘मुझे वो सीन करने का कभी पछतावा नहीं होगा। मेरे फैंस और दर्शक मुझे उस सीन से याद करते हैं। कुछ लोग अच्छे से याद करते हैं, तो कुछ मज़ाक भी उड़ाते हैं। लेकिन मैं खुश हूं कि वो मुझे उस सीन के लिए प्यार तो करते हैं। यह मेरी खुशनसीबी है कि मैंने अपने दौर के बेस्ट फिल्ममेकर राज कपूर जी के साथ काम किया।’

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