बर्थडे स्पेशल: बहुत कम समय में डायरेक्टर्स के फेवरेट बन गए हैं आयुष्मान खुराना

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Ayushman-Khurana-Biography

बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना आज 14 सितंबर को अपना 36वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्हें फिल्म इंडस्ट्री के उन चुनिंदा स्टार्स में शामिल किया जाता है, जो फिल्मों में अपने किरदार को लेकर लगातार एक्सपेरिमेंट करते रहे हैं। उनके अब तक के फिल्मी कॅरियर को देखें तो पाएंगे कि आयुष्मान को पर्दे पर अलग-अलग किरदारों में ढलने की महारथ हासिल है। बिग बजट फिल्मों की बजाय वे उन फिल्मों में काम करना पसंद करते है, जो सीधे आम जनता से जुड़े और क्रिटिक्स की तारीफें बटौर सकें। आज आयुष्मान की गिनती बॉलीवुड के सफल अभिनेताओं में की जाती है। ऐसे में एक्टर आयुष्मान खुराना के बर्थडे पर जानते हैं उनके बारे में कुछ ख़ास बातें..

घरवालों ने तीन की उम्र में बदला था नाम

आयुष्मान खुराना का जन्म 14 सितंबर, 1984 को चंडीगढ़ में मॉं पूनम और पिता पी. खुराना के परिवार में हुआ। उनका बचपन का नाम निशांत खुराना था, लेकिन जब वे तीन साल के थे उनके माता पिता ने उनका नाम बदलकर आयुष्मान खुराना कर दिया। आयुष्मान ने अपनी स्कूल की पढ़ाई चंडीगढ़ के सेंट जॉन हाई स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई डीएवी कॉलेज से की।

उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर्स डिग्री ली है। इस दौरान वे पांच साल तक थिएटर से भी जुड़े रहे। उनके छोटे भाई अपारशक्ति खुराना भी बॉलीवुड एक्टर हैं। फिल्मों के अलावा आयुष्मान गाने गाते हैं और कविताएं लिखते हैं। आयुष्मान खुराना ने वर्ष 2008 में अपनी गर्लफ्रेंड ताहिरा कश्यप से शादी की, जिनसे उन्हें दो बच्चे बेटा विराजवीर खुराना और बेटी वरूष्का खुराना हैं।

मल्टी टैलेंटेड हैं एक्टर आयुष्मान खुराना

थिएटर से अपने कॅरियर की शुरुआत करने वाले आयुष्मान खुराना मल्टी-टैलेंटेड है। वे एक्टर, एंकर और सिंगर है। फिल्मों में आने से पहले आयुष्मान खुराना को पहचान एमटीवी ‘रोडीज-2’ जीतने के बाद मिली। उन्होंने बतौर आर.जे रेडियो में भी काम किया। इसके बाद आयुष्मान खुराना ने होस्टिंग में अपना हाथ आजमाया। उन्होंने कई रियलिटी शो होस्ट किए जिसके बाद आयुष्मान को एक हद तक लोग पहचानने लगे।

साल 2012 कॅरियर का सबसे महत्वपूर्ण साल साबित हुआ

साल 2012 आयुष्मान खुराना के कॅरियर का सबसे महत्वपूर्ण साल साबित हुआ। इसी साल आयुष्मान ने फिल्म ‘विक्की डोनर’ से बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म में स्पर्म डोनर का किरदार करने वाले आयुष्मान को उनकी डेब्यू फिल्म ने सभी का चहेता बना दिया। फिल्म की सफलता के बाद आयुष्मान की झोली में, ‘बेवकूफियां’, ‘नौटंकी साला’, ‘हवाईजादा’  जैसी फिल्में तो आई, मगर कुछ खास कमाल ना दिखा पाईं। साल 2015 में एक बार फिर आयुष्मान पर्दे पर अपना दमखम दिखाने में सफल साबित हुए।

इस साल उनकी ‘दम लगा के हईशा’ रिलीज हुई, जिसने उन्हें बॉलीवुड में एक अलग ही मुकाम देने का काम किया। इस फिल्म की सफलता के बाद तो मानों जैसे आयुष्मान के कॅरियर को पंख लग गए। ‘मेरी प्यारी बिंदु’, ‘बरेली की बर्फी’, ‘शुभ मंगल सावधान’, ‘बधाई हो’, ‘अंधाधुंध’, ‘आर्टिकल-15’ जैसी कम बजट की फिल्में हैं जो अपनी दमदार कहानी के दम पर दर्शकों और क्रिटिक्स का दिल जीत पाईं।

आयुष्मान को बहुत कम समय में मिल गया नेशनल अवॉर्ड

फिल्मी दुनिया में नेशनल अवॉर्ड मिलना किसी भी कलाकार के लिए खास होता है। आयुष्मान खुराना ने बहुत कम समय में ही यह सम्मान अपने नाम कर लिया। उन्हें उनकी फिल्म ‘अंधाधुंध’ के लिए बेस्ट एक्टर का ‘नेशनल अवॉर्ड’ मिला। आयुष्मान को मिला यह सम्मान दिखाता है कि वे कला की दुनिया में एक मुकाम तक पहुंच चुके हैं। वे निरंतर फिल्मी दुनिया में एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं, ताकि एक्टिंग की दुनिया में अपना नाम और ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें।

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